पिथौरागढ़. कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए सरकार द्वारा किए गए लॉकडाउन में सरकार के तमाम आश्वासन अपील के बाद भी कुछ लोग जहां हैं वहीं नहीं रुक रहे हैं. कई लोग जान की परवाह किए बगैर अपने गांवों की ओर निकल रहे हैं. अधिकतर मजदूर वर्ग बीमारी से ज्यादा भुखमरी से चिंतित है और सरकार की बार बार की अपील के बावजूद वह रास्ते में है. उत्तराखंड में मजदूर वर्ग की बात करें तो यहां हर काम नेपाल से आए मजदूरों के जिम्मे है और लाकडाउन के बाद बड़ी संख्या में यह वर्ग नेपाल लौटने सीमांत जिले पिथौरागढ़ के धारचुला पहुंच गया है.
नेपाल ने बंद किये रास्ते
यहां 350 मजदूरों के पहुंचने की खबर सूत्रों ने दी है. लेकिन भारत में कोरोना संक्रमण के बाद नेपाल सरकार ने भारत से लगे अपने सभी पुल और झूला पुल बन्द कर दिये हैं. जिसके चलते पिथौरागढ़ जिले में काम करने वाले 350 से ज्यादा नेपाली मजदूर धारचुला और में फंसे हुए हैं. जब इन नेपाली मजदूरों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने सीमा पर अपने ही देश के विरोध में नारे लगाने के साथ नेपाल सरकार से पुल खोलने की मांग की.













