• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
UK Khabar
  • होम
  • देश
  • मुंबई
    • सामाजिक संस्थाएं
  • उत्तराखंड
    • देहरादून
    • नैनीताल
    • हरिद्वार
    • अल्मोड़ा
    • चम्पावत
    • बागेश्वर
    • पिथौरागढ़
    • उधम सिंह नगर
    • पौड़ी गढ़वाल
    • टिहरी गढ़वाल
    • उत्तरकाशी
    • रुद्रप्रयाग
    • चमोली
  • अन्य राज्य
  • राजनीति
  • मनोरंजन
    • कला/संस्कृति
    • त्यौहार
    • धर्म
  • खेल
  • कारोबार
  • पर्यटन
  • जीवन शैली
    • मोबाइल/टेक्नो
    • घर-अशियाना
    • स्वास्थ्य फिटनेस
    • रसोई
    • विवाह
  • वायरल
  • गैलरी
    • फ़ोटो गैलरी
      • वीडियो गैलरी
  • शख्सियत
  • कैरियर
No Result
View All Result
  • होम
  • देश
  • मुंबई
    • सामाजिक संस्थाएं
  • उत्तराखंड
    • देहरादून
    • नैनीताल
    • हरिद्वार
    • अल्मोड़ा
    • चम्पावत
    • बागेश्वर
    • पिथौरागढ़
    • उधम सिंह नगर
    • पौड़ी गढ़वाल
    • टिहरी गढ़वाल
    • उत्तरकाशी
    • रुद्रप्रयाग
    • चमोली
  • अन्य राज्य
  • राजनीति
  • मनोरंजन
    • कला/संस्कृति
    • त्यौहार
    • धर्म
  • खेल
  • कारोबार
  • पर्यटन
  • जीवन शैली
    • मोबाइल/टेक्नो
    • घर-अशियाना
    • स्वास्थ्य फिटनेस
    • रसोई
    • विवाह
  • वायरल
  • गैलरी
    • फ़ोटो गैलरी
      • वीडियो गैलरी
  • शख्सियत
  • कैरियर
No Result
View All Result
UK Khabar
No Result
View All Result
Home उत्तराखंड

…तो इसलिए है उत्तराखंड में सख्त भू-कानून की जरूरत

जानें वरिष्ठ पत्रकार श्री शीशपाल गुसाईं जी की कलम से हिमाचल के भूमि कानून की बारीकियां

uk khabar by uk khabar
16th September 2023
in उत्तराखंड
0 0
0
…तो इसलिए है उत्तराखंड में सख्त भू-कानून की जरूरत
0
SHARES
287
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on WhatsAppPin it on PinterestShare on Telegram

पंडित सीपी जगूड़ी जी उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के मूल निवासी हैं। उन्हें 2012 में 30 साल हिमाचल प्रदेश में पंडिताई करने पूरे हो चुके हैं। उसी साल उनका 200 वर्ग मीटर का चार बिस्वा, अर्थात घर बनाने के लिए जमीन का सपना साकार हुआ। जगूड़ी जी उस जमीन को बाहरी राज्यों के लोगों के लिए 30 साल तक बेच नहीं सकते हैं। जगूड़ी जी के एक बेटा मैनेजर है और दूसरा डॉक्टर। दोनों को हिमाचल में उस चार बिस्वा जमीन के बावजूद स्थाई निवासी का दर्जा नहीं है। क्योंकि पहले मुख्यमंत्री श्री यशवन्त सिंह परमार ने ऐसा भू-कानून बनाया है जो सख्त है। कुछ मुख्यमंत्री और सरकारों ने इस भू-कानून में शिथिलता दर्ज की थी, लेकिन फिर भी पुनः वह परमार के कानून पर आ गए हैं!

जानते हैं हिमाचल के भूमि कानून

आइए जानते हैं हिमाचल के भूमि कानून के बारे में! हिमाचल प्रदेश में जमीन खरीदने को लेकर एक कानून है, जिसे टेनेंसी एक्ट कहते हैं। इस एक्ट के सेक्शन 118 के तहत कोई भी गैर हिमाचली व्यक्ति, यानि जिसकी नागरिकता हिमाचल प्रदेश से बाहर की हो, वह इस राज्य में जमीन नहीं खरीद सकता। हालांकि, कुछ विशेष प्रावधानों के तहत इस राज्य में बाहरी लोगों को भी जमीन खरीदने की इजाजत मिलती है। यह टेनेंसी एक्ट, हिमाचल प्रदेश में जमीन की खरीद-बिक्री को नियंत्रित करने का एक प्रयास है. यह कानून उसके प्रदेशवासियों को सुरक्षा देने, आत्मनिर्भर का मकसद रखता है और उनकी ज़मीन को बाहरी निवेशकों से बचाने का प्रयास करता है. इसका मतलब है कि केवल हिमाचल प्रदेश के नागरिकों को अपने प्रदेश में जमीन खरीदने की इजाजत होगी, जबकि गैर हिमाचली व्यक्तियों को यह अवसर नहीं मिलता है।

इस नियम को लागू करने का जो मकसद था, वह सफल भी हुआ है, आज हिमाचल बचा हुआ है। वहाँ के सेब के बागान वहीं के लोगों के काम आ रहे हैं। वह बागान दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बंगलुरू के हाथों में बिके नहीं हैं। जिससे उनकी आर्थिक उन्नति सबके सामने है। हाँ उनके बागान आकर ठेकेदार सेब जरूर खरीद लेते हैं। सेब की पैदावार में हिमाचल कश्मीर की कुछ सालों में बराबरी कर लेगा, इस बात पर विश्वास होने लगता है। गैर हिमाचली, हिमाचल में भूमि में जमीन खरीदने का सपना देखते हैं, तो राज्य सरकार से इजाजत लेना अनिवार्य है। इसके बाद ही हिमाचल में गैर कृषि भूमि खरीद सकते हैं। हिमाचल प्रदेश के टेनेंसी और लैंड रिफॉर्म्स रूल्स 1975, सेक्शन 38A (3) के तहत, राज्य सरकार को जमीन खरीदने के मकसद को बताना होता है।

भूमि लेने वाले हिमाचल राज्य सरकार को सही और पूरी जानकारी प्रदान करते हैं। कि उन्हें किस मकसद से यहां जमीन खरीदने की इच्छा है, सरकार को यह पूरा बताना होता है। राज्य सरकार उनके मकसद को सुनती है और उसे विचार करती है। उसके बाद 500 वर्ग मीटर तक की जमीन खरीदने की परमिशन दी जाती है। वैसे 30 साल से निवास कर रहे गैर हिमाचल के लोगों को रजिस्ट्री कर सकते हैं। यह संख्या पांच हजार लोगों की भी हो जाती है। लेकिन सिर्फ गैर कृषि भूमि! अगर इस राज्य में जमीन खरीदने की इच्छा रखते हैं, तो अन्य उपयोगों के लिए जमीन मिल सकती है। यहां पर्यटन का विकास कर सकते हैं, होटल या अन्य व्यवसाय स्थापित कर सकते हैं, या फिर आत्मनिर्भर और ग्रामीण क्षेत्रों की विकास में मदद कर सकते हैं। हिमाचल प्रदेश में जमीन खरीदने का इस्तेमाल महान स्वप्नों को साकार करने जैसा है।

ADVERTISEMENT

गौर करने लायक बात है कि उत्तराखंड राज्य की पहली निर्वाचित कांग्रेसी सरकार ने 2002 में भूमि खरीद के लिए गैर उत्तराखंडियों के लिए नियम बनाए थे, कि वे सिर्फ 500 वर्ग मीटर भूमि खरीद सकते हैं। 2007 में बीजेपी सरकार ने इसे घटाकर 250 वर्ग मीटर किया। 2023 में देखें, तो 250 वर्गमीटर बेहतर था। लेकिन 6 अक्टूबर 2018 को बीजेपी सरकार ने एक नया अध्यादेश लाया, जिसके अनुसार उत्तर प्रदेश जमींदारी भूमि विनाश और भूमि सुधार अधिनियम 1950 का संशोधन विधेयक पारित कर उसमें दो धाराएं 148 और 154 जोड़ दी गईं। इसके साथ ही भारत के किसी भी नागरिक का भी अनलिमिटेड ज़मीन खरीदने का रास्ता उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में खुल गया।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड प्रदेश, दोनों ही प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर राज्य हैं जो वादियों और सुखदायक मौसम के लिए प्रसिद्ध हैं। उत्तराखंड में चार धाम भी हैं। लोग यहां सुकून और प्रकृति के बीच वसंत और शांति का आनंद लेने के लिए आते हैं। इसलिए, इन प्रदेशों में ज़मीन की मांग भी बढ़ चुकी है। इस मांग का उत्तराखंड पूरे आदर के साथ समर्थन करता है। उत्तराखंड में सख्त भू-कानून नहीं है। अब तक उत्तराखंड में ज़मीन बची-खुची ही रह गई है।

मलाई तो चाट दी गई है। ज़मीन लेने वालों ने पहाड़ के पहाड़ खरीद दिए हैं। उद्योग के लिए नहीं, मुनाफे के लिए! ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे में देवप्रयाग से 20 किमी ऊपर राकेश का एक गांव है जो भरपूर पट्टी में है। गांव की पहाड़ी पर जहां घासियारी भी घास लेने नहीं जा सकती, वह पहाड़ी काफी बिक चुकी है। बदले में गांव के दलीप को एक करोड़ रुपये मिल गए हैं। (नाम बदला हुआ है) औरों को भी मिल रहा है… गांव वालों को खरीदार का पता नहीं है। कुछ लोग उनके यहां पहुँच जाते हैं कि, तुम्हारे खसरे में यह ज़मीन है, आस-पास की पहाड़ियाँ ले ली गई हैं। पटवारी और बीच के लोग इस तरह से घेर देते हैं, उसे ज़मीन बेचनी पड़ती है। और फिर वह ज़मीन खड़ी पहाड़ी पर है, वहां चैन पशु नहीं जा सकते! इस तरह से सभी जिलों के पहाड़ की ज़मीन खरीदने की कहानी हो सकती है। ऐसे मामलों में, अब भी समय है हुक्मरानों के लिए कि उन्हें यह समझना चाहिए कि वे चाहे हिमाचल प्रदेश से दोगुनी 1000 वर्ग मीटर भूमि पर गैर उत्तराखंडियों के लिए कानून बना सकते हैं। ज़मीन की खरीद पर नियंत्रण लागू करके, यहां के लोगों को संरक्षित किया जा सकता है और प्राकृतिक सौंदर्य को सचेत रखा जा सकता है। अब भी इस कानून में इच्छाशक्ति दिखा कर हुक्मरान इतिहास बना सकते हैं!

 

ADVERTISEMENT
Previous Post

ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट से पहले ही आए करोड़ों निवेश के प्रस्ताव

Next Post

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू जी से डॉ. सुश्री स्वराज विद्वान ने की शिष्टाचार भेंट

uk khabar

uk khabar

Next Post
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू जी से डॉ. सुश्री स्वराज विद्वान ने की शिष्टाचार भेंट

राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू जी से डॉ. सुश्री स्वराज विद्वान ने की शिष्टाचार भेंट

website designer in navi mumbaiwebsite designer in navi mumbaiwebsite designer in navi mumbai
  • Trending
  • Comments
  • Latest
अंकिता भंडारी हत्या प्रकरण में वनतरा रिसॉट को लेकर एसआईटी का खुलासा

अंकिता भंडारी की मौत के मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति

9th January 2026
समाजसेवी सी.पी.प्रजापति बनाए गए शिवसेना शिंदे गुट के रायगड जिला प्रमुख

समाजसेवी सी.पी.प्रजापति बनाए गए शिवसेना शिंदे गुट के रायगड जिला प्रमुख

4th January 2026
कैंसर से जूझ रहे राजेश रमोला की मदद के लिए आगे आए उत्तराखंडी

कैंसर से जूझ रहे राजेश रमोला की मदद के लिए आगे आए उत्तराखंडी

8th January 2026
जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार, टिहरी के निवासी उठा रहे सुविधाओं का लाभ

जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार, टिहरी के निवासी उठा रहे सुविधाओं का लाभ

14th January 2026
धामी कैबिनेट में 19 निर्णय से उपनल कर्मियों की बल्ले बल्ले

धामी कैबिनेट में 19 निर्णय से उपनल कर्मियों की बल्ले बल्ले

16th January 2026
सर्वाइकल कैंसर बचाव के लिए किशोरियों का किया जायेगा टीकाकरण

सर्वाइकल कैंसर बचाव के लिए किशोरियों का किया जायेगा टीकाकरण

14th January 2026
जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार, टिहरी के निवासी उठा रहे सुविधाओं का लाभ

जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार, टिहरी के निवासी उठा रहे सुविधाओं का लाभ

14th January 2026
मंत्री रेखा आर्य के खिलाफ टिप्पणी पर भड़के भाजपा कार्यकर्ता

मंत्री रेखा आर्य के खिलाफ टिप्पणी पर भड़के भाजपा कार्यकर्ता

14th January 2026

Recent News

धामी कैबिनेट में 19 निर्णय से उपनल कर्मियों की बल्ले बल्ले

धामी कैबिनेट में 19 निर्णय से उपनल कर्मियों की बल्ले बल्ले

16th January 2026
सर्वाइकल कैंसर बचाव के लिए किशोरियों का किया जायेगा टीकाकरण

सर्वाइकल कैंसर बचाव के लिए किशोरियों का किया जायेगा टीकाकरण

14th January 2026
जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार, टिहरी के निवासी उठा रहे सुविधाओं का लाभ

जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार, टिहरी के निवासी उठा रहे सुविधाओं का लाभ

14th January 2026
मंत्री रेखा आर्य के खिलाफ टिप्पणी पर भड़के भाजपा कार्यकर्ता

मंत्री रेखा आर्य के खिलाफ टिप्पणी पर भड़के भाजपा कार्यकर्ता

14th January 2026
UK Khabar

उत्तराखण्डी प्रवासियों व उत्तराखंड की तमाम सामाजिक, सांस्कृतिक गतिविधियों की खबरों को जन जन तक पहुंचाने UKKhabar का निर्माण किया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से उत्तराखंड व उत्तराखंडी जनमानस से जुड़ी सामाजिक, सांस्कृतिक व अन्य समाचारों को आप तक पहुंचाने का प्रयास होगा।

Follow Us

वर्गानुसार खोजें

  • Uncategorized
  • अन्य राज्य
  • अल्मोड़ा
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022
  • उधम सिंह नगर
  • कला/संस्कृति
  • कारोबार
  • कैरियर
  • खेल
  • गैलरी
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जीवन शैली
  • टिहरी गढ़वाल
  • त्यौहार
  • देश / विदेश
  • देहरादून
  • धर्म
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • फ़ोटो गैलरी
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • मुंबई
  • मोबाइल/टेक्नो
  • रसोई
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • वायरल
  • विवाह
  • वीडियो गैलरी
  • शख्सियत
  • सामाजिक संस्थाएं
  • स्वास्थ्य फिटनेस
  • हरिद्वार
  • होम

नवीनतम समाचार

धामी कैबिनेट में 19 निर्णय से उपनल कर्मियों की बल्ले बल्ले

धामी कैबिनेट में 19 निर्णय से उपनल कर्मियों की बल्ले बल्ले

16th January 2026
सर्वाइकल कैंसर बचाव के लिए किशोरियों का किया जायेगा टीकाकरण

सर्वाइकल कैंसर बचाव के लिए किशोरियों का किया जायेगा टीकाकरण

14th January 2026
जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार, टिहरी के निवासी उठा रहे सुविधाओं का लाभ

जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार, टिहरी के निवासी उठा रहे सुविधाओं का लाभ

14th January 2026
मंत्री रेखा आर्य के खिलाफ टिप्पणी पर भड़के भाजपा कार्यकर्ता

मंत्री रेखा आर्य के खिलाफ टिप्पणी पर भड़के भाजपा कार्यकर्ता

14th January 2026
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

© 2020 UK Khabar Designed by Saral Infosoft.

No Result
View All Result
  • होम
  • देश
  • मुंबई
    • सामाजिक संस्थाएं
  • उत्तराखंड
    • देहरादून
    • नैनीताल
    • हरिद्वार
    • अल्मोड़ा
    • चम्पावत
    • बागेश्वर
    • पिथौरागढ़
    • उधम सिंह नगर
    • पौड़ी गढ़वाल
    • टिहरी गढ़वाल
    • उत्तरकाशी
    • रुद्रप्रयाग
    • चमोली
  • अन्य राज्य
  • राजनीति
  • मनोरंजन
    • कला/संस्कृति
    • त्यौहार
    • धर्म
  • खेल
  • कारोबार
  • पर्यटन
  • जीवन शैली
    • मोबाइल/टेक्नो
    • घर-अशियाना
    • स्वास्थ्य फिटनेस
    • रसोई
    • विवाह
  • वायरल
  • गैलरी
    • फ़ोटो गैलरी
      • वीडियो गैलरी
  • शख्सियत
  • कैरियर

© 2020 UK Khabar Designed by Saral Infosoft.

Login to your account below

Forgotten Password?

Fill the forms bellow to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In