मुंबई। उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, परंपराओं और लोकपर्वों को महानगर मुंबई में भव्य मंच देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। देवभूमि सोशल फाउंडेशन, मुंबई के बैनर तले 20, 21 और 22 नवंबर 2026 को तीन दिवसीय इगास महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव का शुभारंभ 20 नवंबर को नवी मुंबई में होगा।
मुंबई में पहली बार इगास लोकपर्व को इतने व्यापक और भव्य स्वरूप में मनाने की तैयारियां जोरशोर से शुरू हो गई हैं। तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में उत्तराखंड की लोककला, लोकगीत, लोकनृत्य, परंपराओं और ऐतिहासिक लोकगाथाओं का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
झोड़ा, झुमैला और चांचरी होंगे आकर्षण

इगास महोत्सव में उत्तराखंड के पारंपरिक झोड़ा, झुमैला, चांचरी और समूह नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रमुख आकर्षण रहेंगी। इसके अलावा उत्तराखंड के पारंपरिक लोकगीतों और वाद्य यंत्रों के माध्यम से देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत को मुंबई के मंच पर जीवंत किया जाएगा।
महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण माधोसिंह भंडारी की लोकगाथा पर आधारित विशेष प्रस्तुति होगी। दीपावली के 11 दिन बाद उनके घर लौटने की ऐतिहासिक लोक परंपरा को मंचित करने के साथ ही प्रभु श्रीराम के अयोध्या आगमन की कथा पर आधारित भव्य एवं दिव्य नृत्य-नाटिका भी प्रस्तुत की जाएगी।
नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने का प्रयास
इगास आयोजन समिति की अध्यक्ष श्रीमती मीनाक्षी भट्ट ने कहा कि मुंबई में रहने वाले उत्तराखंडी प्रवासी लंबे समय से विभिन्न त्योहारों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को सामूहिक रूप से मनाते आए हैं, लेकिन इगास जैसे पारंपरिक लोकपर्व को समर्पित यह तीन दिवसीय आयोजन पहली बार इतने व्यापक स्तर पर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी पहचान और हमारी जड़ों से जुड़ी विरासत है। महानगरों में पली-बढ़ी नई पीढ़ी को अपनी लोकभाषा, लोकगीत, लोकनृत्य और पारंपरिक रीति-रिवाजों से परिचित कराने के लिए ऐसे आयोजनों की आवश्यकता है।
मीनाक्षी भट्ट ने कहा कि देवभूमि सोशल फाउंडेशन का प्रयास है कि उत्तराखंड के लोकपर्वों और सांस्कृतिक परंपराओं को केवल उत्तराखंड तक सीमित न रखा जाए, बल्कि देश के विभिन्न महानगरों में भी उन्हें सम्मान और पहचान मिले।
सभी संस्थाओं से सहयोग का आह्वान
आयोजन को भव्य स्वरूप देने के लिए मुंबई कौथिग के मुख्य संयोजक एवं देवभूमि सोशल फाउंडेशन के चेयरमैन मनोज भट्ट व लोक गायक सुरेश काला जी के निर्देशन इगास महोत्सव 2026 की तैयारियां की जा रही हैं। इस आयोजन की सांस्कृतिक संध्या में महानगर में रहने वाले उत्तराखंडी लोक गायक, गीत संगीतकार व कलाकार भाग लेंगे।
आयोजकों ने बताया कि महोत्सव को सफल बनाने के लिए मुंबई और नवी मुंबई में सक्रिय उत्तराखंडी सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थाओं से संपर्क किया जा रहा है। प्रवासी समाज की विभिन्न संस्थाओं ने भी इगास महोत्सव को सामूहिक रूप से सफल बनाने के लिए सहयोग का संकल्प व्यक्त किया है।
मुंबई में बनेगा देवभूमि जैसा माहौल
आयोजकों का कहना है कि तीन दिनों तक मुंबई और नवी मुंबई में देवभूमि उत्तराखंड जैसा सांस्कृतिक माहौल बनाने का प्रयास किया जाएगा। इगास के पारंपरिक पकवानों, लोकगीतों, लोकनृत्यों और पारंपरिक वेशभूषा के माध्यम से प्रवासी उत्तराखंडियों को अपनी जन्मभूमि की यादों से जोड़ने की पहल होगी।
महोत्सव का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति का संरक्षण, संवर्धन और नई पीढ़ी तक उसका हस्तांतरण है। आयोजकों ने कहा कि यह महोत्सव मुंबई में रहने वाले उत्तराखंडियों के लिए अपनी मिट्टी, अपनी संस्कृति और अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर होगा। साथ ही, देश के अन्य हिस्सों से आए लोगों को भी उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने और समझने का अवसर मिलेगा।









